श्रीलंका के ढोल सदियों से अनुष्ठानों, उपचार समारोहों और प्रस्तुतियों में गूंजते रहे हैं। उदय कुमार कोट्टावा एक प्रख्यात संगीतकार, प्रोफेसर और वाद्य-निर्माता हैं, और इस कार्यशाला में वे इन्हें आपके हाथों में सौंपते हैं।
आप क्या करेंगे
- सुनें: उदय को कुछ वाद्य यंत्र बजाते हुए देखें।
- पृष्ठभूमि जानें: जानें कि हर ढोल क्या है और इसका क्या अर्थ है।
- बजाएँ: उनके मार्गदर्शन में विभिन्न पारंपरिक तालें सीखें, और पूरे समूह के साथ मिलकर बजाने की ऊर्जा को महसूस करें।
यदि स्थान उपयुक्त हो तो यह आपके आवास पर भी आयोजित किया जा सकता है। यदि नहीं, तो हम अपने साझेदार स्थलों में से किसी एक की व्यवस्था करते हैं। स्थल तक का परिवहन इसमें शामिल नहीं है।
मूल्य प्रति व्यक्ति निर्धारित है। बुकिंग करते समय व्यक्तियों की संख्या चुनें। बुकिंग के बाद हम आपके साथ स्थल और आरंभ समय की पुष्टि करेंगे।
शुरू होने से 48 घंटे पहले तक मुफ़्त रद्दीकरण। 48 घंटे से कम समय पर: 50% धनवापसी। 24 घंटे से कम समय पर, या न आने की स्थिति में: कोई धनवापसी नहीं।






