Siddhalepa मणिभद्र चूर्णय (50g) एक चूर्णय है, जो इसी नाम के शास्त्रीय आयुर्वेदिक फ़ॉर्मूले के अनुसार तैयार किया गया एक सूक्ष्म हर्बल चूर्ण है। इसमें हरीतकी, विडंग, त्रिवृत और आंवला को गुड़ के साथ मिलाया गया है। यह एक आयुर्वेदिक औषधि है, पूरक (सप्लीमेंट) नहीं।
निर्माता इसे आयुर्वेद फार्माकोपिया की चूर्ण तैयारियों में सूचीबद्ध करता है। यह 50g के जार में आता है।
सामग्री
- हरीतकी (Terminalia chebula)
- विडंग (Embelia ribes)
- त्रिवृत (Operculina turpethum)
- आंवला (Emblica officinalis)
- गुड़
उपयोग विधि
- वयस्क: दिन में दो बार 5 से 10g, या चिकित्सक द्वारा निर्देशित अनुसार।
- 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे: शहद, दूध या गुनगुने पानी के साथ दिन में एक या दो बार 1g, चिकित्सक द्वारा निर्देशित अनुसार।
जानने योग्य बातें
- पैक: हर्बल चूर्ण का 50g जार।
- श्रेणी: चूर्ण, आयुर्वेदिक औषधियाँ।
- अधिक मात्रा लेने से दस्त (purging) हो सकते हैं।
- मधुमेह (डायबिटीज़) से पीड़ित लोगों और बच्चों के लिए विशेष सावधानी आवश्यक है।
- आमतौर पर गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान इसकी सलाह नहीं दी जाती।
- केवल किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक के निर्देशानुसार ही उपयोग करें; गर्भावस्था में या बच्चों के लिए उपयोग से पहले चिकित्सक से परामर्श करें।
Sri Lanka में Ratmalana स्थित Hettigoda Industries (Pvt) Ltd द्वारा निर्मित, जो Siddhalepa समूह की निर्माता कंपनी है। Siddhalepa की शुरुआत 1934 में Ayur. Dr. Hendrick De Silva Hettigoda के हर्बल बाम से हुई थी।


