Henchappu Kolam मुखौटा हाथ से तराशा और हाथ से रंगा गया लकड़ी का मुखौटा है, जो Sri Lanka के मुखौटा लोकनाट्य Kolam के मानव पात्रों में से एक का है। यह गाँव के रंगमंच के एक जाने-पहचाने हास्य पात्र को घर तक ले आता है, दीवार पर टाँगने या मुखौटों के संग्रह के साथ रखने के लिए।
Kolam एक अनुष्ठानिक लोकनाट्य है, कई सदियों पुराना और आज भी मंचित होने वाला, जिसके पात्र अलौकिक, मानव और पशु पात्रों में बँटे होते हैं। इसके प्रसंग गाँव के जीवन और औपनिवेशिक काल के सिंहली समाज के अधिकारियों का मज़ाक उड़ाते हैं। Henchappu, गाँव के मुखिया Mudali के साथ आता है, जिसकी एक शाही यात्रा की तैयारियाँ इस नाटक के कुछ सबसे जीवंत हास्य दृश्य रचती हैं।
यह मुखौटा Henchappu को गर्म टेराकोटा-लाल चेहरा देता है, जिसमें बड़ी-बड़ी सफ़ेद आँखें, धनुषाकार काली भौंहें, चौड़ी काली मूँछें और खुली मुस्कान है, और छायांकित कान चेहरे को घेरे हुए हैं। भौंह के ऊपर लाल धारियों से रंगी एक ऊँची, धारीदार पीली टोपी है, जिसे बीच में एक नुकीले चिह्न वाली लाल बिंदियों की पट्टी बाँधे हुए है। हर रेखा और हर रंग हाथ से भरा गया है, इसलिए हर मुखौटा दूसरे से थोड़ा अलग होता है।
Kolam मुखौटे लकड़ी के टुकड़ों से तराशे जाते हैं और चटख रंगों से रंगे जाते हैं, जिनके रंग और डिज़ाइन किसी पात्र का लिंग, आयु और समाज में उसका स्थान दर्शाते हैं। यह मुखौटा हल्की लकड़ी से तराशा गया है, और तूलिका के निशान तथा फ़िनिश की छोटी-छोटी अनियमितताएँ इसके हस्तनिर्मित स्वरूप का हिस्सा हैं।