थुशारी अबेसेकेरे द्वारा लिखित एक सिंहल उपन्यास, जिसे Colombo में M. D. Gunasena & Co. द्वारा प्रकाशित किया गया है। संपूर्ण पाठ सिंहल भाषा में है, इसलिए इसे समझने के लिए पाठक को यह भाषा आनी चाहिए — पुस्तक में अंग्रेज़ी नहीं है।
कहानी अतीत में घटित होती है, ऐसे कालखंड में जो 1910 तक पीछे जाता है। अबेसेकेरे वर्तमान से हटकर उस पुरानी दुनिया में लिखती हैं, और उपन्यास वहीं रहता है: यह एक काल्पनिक कृति है जो उनके पाठकों के जीवनकाल से काफी पहले के समय के इर्द-गिर्द रची गई है। प्रकाशक इसे समकालीन जीवन के शोर से निकलकर उस पुराने परिवेश में कुछ समय बिताने का अवसर बताता है।
विदेशों में रहने वाले सिंहल पाठकों के लिए, जो स्वदेश में प्रकाशित कथा-साहित्य से जुड़े रहते हैं, यह Colombo के एक स्थापित प्रकाशन गृह की ओर से अतीत पर आधारित एक सीधा-सादा उपन्यास है। जिन पाठकों को सिंहल में पुराने ज़माने की कहानियाँ पढ़ने में आनंद आता है — गाँव और घर-परिवार का जीवन जैसा पीढ़ियों पहले जिया जाता था — वे ही इसके स्वाभाविक पाठक हैं।
- लेखक: Thushari Abeysekare
- प्रकाशक: M. D. Gunasena & Co. (Pvt) Ltd
- भाषा: सिंहल
- ISBN: 9789552129674
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